Romans 3:4 कदापि नहीं, वरन परमेश्वर सच्चा और हर एक मनुष्य झूठा ठहरे, जैसा लिखा है, कि जिस से तू अपनी बातों में धर्मी ठहरे और न्याय करते समय तू जय पाए।
Romans 3:4 in Other Translations
King James Version (KJV) God forbid: yea, let God be true, but every man a liar; as it is written, That thou mightest be justified in thy sayings, and mightest overcome when thou art judged.
American Standard Version (ASV) God forbid: yea, let God be found true, but every man a liar; as it is written, That thou mightest be justified in thy words, And mightest prevail when thou comest into judgment.
Bible in Basic English (BBE) In no way: but let God be true, though every man is seen to be untrue; as it is said in the Writings, That your words may be seen to be true, and you may be seen to be right when you are judged.
Darby English Bible (DBY) Far be the thought: but let God be true, and every man false; according as it is written, So that thou shouldest be justified in thy words, and shouldest overcome when thou art in judgment.
World English Bible (WEB) May it never be! Yes, let God be found true, but every man a liar. As it is written, "That you might be justified in your words, And might prevail when you come into judgment."
Young's Literal Translation (YLT) let it not be! and let God become true, and every man false, according as it hath been written, `That Thou mayest be declared righteous in Thy words, and mayest overcome in Thy being judged.'
μὴ
mē
may
God forbid:
γένοιτο·
ginomai
GEE-noh-may
let be
γινέσθω
ginomai
GEE-noh-may
yea,
δὲ
de
thay
ὁ
ho
oh
God
θεὸς
theos
thay-OSE
true,
ἀληθής
alēthēs
ah-lay-THASE
every
πᾶς
pas
pahs
but
δὲ
de
thay
man
ἄνθρωπος
anthrōpos
AN-throh-pose
a liar;
ψεύστης
pseustēs
PSAYF-stase
as
καθὼς
kathōs
ka-THOSE
it is written,
γέγραπται
graphō
GRA-foh
That
Ὅπως
hopōs
OH-pose
ἂν
an
an
thou mightest be justified
δικαιωθῇς
dikaioō
thee-kay-OH-oh
in
ἐν
en
ane
τοῖς
ho
oh
sayings,
λόγοις
logos
LOH-gose
thy
σου
sou
soo
and
καὶ
kai
kay
mightest overcome
νικήσῃς
nikaō
nee-KA-oh
when
ἐν
en
ane
τῷ
ho
oh
art judged.
κρίνεσθαί
krinō
KREE-noh
thou
σε
se
say
Read Full Chapter :
Romans 3
Cross Reference
भजन संहिता 51:4
मैं ने केवल तेरे ही विरुद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे।
भजन संहिता 116:11
मैं ने उतावली से कहा, कि सब मनुष्य झूठे हैं॥
गलातियों 2:17
हम जो मसीह में धर्मी ठहरना चाहते हैं, यदि आप ही पापी निकलें, तो क्या मसीह पाप का सेवक है? कदापि नहीं।
लूका 20:16
वह आकर उन किसानों को नाश करेगा, और दाख की बारी औरों को सौंपेगा: यह सुनकर उन्होंने कहा, परमेश्वर ऐसा न करे।
रोमियो 3:31
तो क्या हम व्यवस्था को विश्वास के द्वारा व्यर्थ ठहराते हैं? कदापि नहीं; वरन व्यवस्था को स्थिर करते हैं॥
1 यूहन्ना 5:20
और यह भी जानते हैं, कि परमेश्वर का पुत्र आ गया है और उस ने हमें समझ दी है, कि हम उस सच्चे को पहचानें, और हम उस में जो सत्य है, अर्थात उसके पुत्र यीशु मसीह में रहते हैं: सच्चा परमेश्वर और अनन्त जीवन यही है।
भजन संहिता 100:5
क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है॥
भजन संहिता 119:160
तेरा सारा वचन सत्य ही है; और तेरा एक एक धर्ममय नियम सदा काल तक अटल है॥
भजन संहिता 138:2
मैं तेरे पवित्र मन्दिर की ओर दण्डवत करूँगा, और तेरी करुणा और सच्चाई के कारण तेरे नाम का धन्यवाद करूँगा, क्योंकि तू ने अपने वचन को अपने बड़े नाम से अधिक महत्त्व दिया है।
मीका 7:20
तू याकूब के विषय में वह सच्चई, और इब्राहीम के विषय में वह करूणा पूरी करेगा, जिस की शपथ तू प्राचीनकाल के दिनों से ले कर अब तक हमारे पितरों से खाता आया है॥
मत्ती 11:19
मनुष्य का पुत्र खाता-पीता आया, और वे कहते हैं कि देखो, पेटू और पियक्कड़ मनुष्य, महसूल लेने वालों और पापियों का मित्र; पर ज्ञान अपने कामों में सच्चा ठहराया गया है।
यूहन्ना 3:33
जिस ने उस की गवाही ग्रहण कर ली उस ने इस बात पर छाप दे दी कि परमेश्वर सच्चा है।
रोमियो 3:6
कदापि नहीं, नहीं तो परमेश्वर क्योंकर जगत का न्याय करेगा?
रोमियो 6:2
कदापि नहीं, हम जब पाप के लिये मर गए तो फिर आगे को उस में क्योंकर जीवन बिताएं?
रोमियो 6:15
तो क्या हुआ क्या हम इसलिये पाप करें, कि हम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हैं? कदापि नहीं।
रोमियो 7:7
तो हम क्या कहें? क्या व्यवस्था पाप है? कदापि नहीं! वरन बिना व्यवस्था के मैं पाप को नहीं पहिचानता: व्यवस्था यदि न कहती, कि लालच मत कर तो मैं लालच को न जानता।
रोमियो 7:13
तो क्या वह जो अच्छी थी, मेरे लिये मृत्यु ठहरी? कदापि नहीं! परन्तु पाप उस अच्छी वस्तु के द्वारा मेरे लिये मृत्यु का उत्पन्न करने वाला हुआ कि उसका पाप होना प्रगट हो, और आज्ञा के द्वारा पाप बहुत ही पापमय ठहरे।
रोमियो 9:14
सो हम क्या कहें क्या परमेश्वर के यहां अन्याय है? कदापि नहीं!
रोमियो 11:1
इसलिये मैं कहता हूं, क्या परमेश्वर ने अपनी प्रजा को त्याग दिया? कदापि नहीं; मैं भी तो इस्त्राएली हूं: इब्राहीम के वंश और बिन्यामीन के गोत्र में से हूं।
रोमियो 11:11
सो मैं कहता हूं क्या उन्होंने इसलिये ठोकर खाई, कि गिर पड़ें? कदापि नहीं: परन्तु उन के गिरने के कारण अन्यजातियों को उद्धार मिला, कि उन्हें जलन हो।
2 कुरिन्थियों 1:18
परमेश्वर सच्चा गवाह है, कि हमारे उस वचन में जो तुम से कहा हां और नहीं दानों पाई नहीं जातीं।
गलातियों 2:21
मैं परमेश्वर के अनुग्रह को व्यर्थ नहीं ठहराता, क्योंकि यदि व्यवस्था के द्वारा धामिर्कता होती, तो मसीह का मरना व्यर्थ होता॥
गलातियों 6:14
पर ऐसा न हो, कि मैं और किसी बात का घमण्ड करूं, केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह के क्रूस का जिस के द्वारा संसार मेरी दृष्टि में और मैं संसार की दृष्टि में क्रूस पर चढ़ाया गया हूं।
तीतुस 1:2
उस अनन्त जीवन की आशा पर, जिस की प्रतिज्ञा परमेश्वर ने जो झूठ बोल नहीं सकता सनातन से की है।
इब्रानियों 6:18
ताकि दो बे-बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें।
1 यूहन्ना 5:10
जो परमेश्वर के पुत्र पर विश्वास करता है, वह अपने ही में गवाही रखता है; जिस ने परमेश्वर को प्रतीति नहीं की, उस ने उसे झूठा ठहराया; क्योंकि उस ने उस गवाही पर विश्वास नहीं किया, जो परमेश्वर ने अपने पुत्र के विषय में दी है।
प्रकाशित वाक्य 3:7
और फिलेदिलफिया की कलीसिया के दूत को यह लिख, कि, जो पवित्र और सत्य है, और जो दाऊद की कुंजी रखता है, जिस के खोले हुए को कोई बन्द नहीं कर सकता और बन्द किए हुए को कोई खोल नहीं सकता, वह यह कहता है, कि।
व्यवस्थाविवरण 32:4
वह चट्टान है, उसका काम खरा है; और उसकी सारी गति न्याय की है। वह सच्चा ईश्वर है, उस में कुटिलता नहीं, वह धर्मी और सीधा है॥
अय्यूब 36:3
मैं अपने ज्ञान की बात दूर से ले आऊंगा, और अपने सिरजनहार को धमीं ठहराऊंगा।
अय्यूब 40:8
क्या तू मेरा न्याय भी व्यर्थ ठहराएगा? क्या तू आप निर्दोष ठहरने की मनसा से मुझ को दोषी ठहराएगा?
भजन संहिता 62:9
सचमुच नीच लोग तो अस्थाई, और बड़े लोग मिथ्या ही हैं; तौल में वे हलके निकलते हैं; वे सब के सब सांस से भी हलके हैं।
1 कुरिन्थियों 6:15
क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह मसीह के अंग हैं? सो क्या मैं मसीह के अंग लेकर उन्हें वेश्या के अंग बनाऊं? कदापि नहीं।