Luke 6:45 भला मनुष्य अपने मन के भले भण्डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य अपने मन के बुरे भण्डार से बुरी बातें निकालता है; क्योंकि जो मन में भरा है वही उसके मुंह पर आता है॥
Luke 6:45 in Other Translations
King James Version (KJV) A good man out of the good treasure of his heart bringeth forth that which is good; and an evil man out of the evil treasure of his heart bringeth forth that which is evil: for of the abundance of the heart his mouth speaketh.
American Standard Version (ASV) The good man out of the good treasure of his heart bringeth forth that which is good; and the evil `man' out of the evil `treasure' bringeth forth that which is evil: for out of the abundance of the heart his mouth speaketh.
Bible in Basic English (BBE) The good man, out of the good store of his heart, gives good things; and the evil man, out of his evil store, gives evil: for out of the full store of the heart come the words of the mouth.
Darby English Bible (DBY) The good man, out of the good treasure of his heart, brings forth good; and the wicked [man] out of the wicked, brings forth what is wicked: for out of the abundance of the heart his mouth speaks.
World English Bible (WEB) The good man out of the good treasure of his heart brings out that which is good, and the evil man out of the evil treasure of his heart brings out that which is evil, for out of the abundance of the heart, his mouth speaks.
Young's Literal Translation (YLT) `The good man out of the good treasure of his heart doth bring forth that which `is' good; and the evil man out of the evil treasure of his heart doth bring forth that which `is' evil; for out of the abounding of the heart doth his mouth speak.
A
ὁ
ho
oh
good
ἀγαθὸς
agathos
ah-ga-THOSE
man
ἄνθρωπος
anthrōpos
AN-throh-pose
out of
ἐκ
ek
ake
the
τοῦ
ho
oh
good
ἀγαθοῦ
agathos
ah-ga-THOSE
treasure
θησαυροῦ
thēsauros
thay-sa-ROSE
τῆς
ho
oh
heart
καρδίας
kardia
kahr-THEE-ah
of his
αὐτοῦ
autos
af-TOSE
bringeth forth
προφέρει
propherō
proh-FAY-roh
τὸ
ho
oh
that which is good;
ἀγαθόν
agathos
ah-ga-THOSE
and
καὶ
kai
kay
ὁ
ho
oh
an evil
πονηρὸς
ponēros
poh-nay-ROSE
man
ἄνθρωπος
anthrōpos
AN-throh-pose
out of
ἐκ
ek
ake
the
τοῦ
ho
oh
evil
πονηροῦ
ponēros
poh-nay-ROSE
treasure
θησαυροῦ
thēsauros
thay-sa-ROSE
τῆς
ho
oh
heart
καρδίας
kardia
kahr-THEE-ah
of his
αὑτοῦ
autos
af-TOSE
bringeth forth
προφέρει
propherō
proh-FAY-roh
τὸ
ho
oh
that which is evil:
πονηρόν·
ponēros
poh-nay-ROSE
of
ἐκ
ek
ake
for
γὰρ
gar
gahr
the
τοῦ
ho
oh
abundance
περισσεύματος
perisseuma
pay-REES-save-ma
the
τῆς
ho
oh
of heart
καρδίας
kardia
kahr-THEE-ah
speaketh.
λαλεῖ
laleō
la-LAY-oh
τὸ
ho
oh
mouth
στόμα
stoma
STOH-ma
his
αὑτοῦ
autos
af-TOSE
Read Full Chapter :
Luke 6
Cross Reference
नीतिवचन 4:23
सब से अधिक अपने मन की रक्षा कर; क्योंकि जीवन का मूल स्रोत वही है।
इफिसियों 4:29
कोई गन्दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुनने वालों पर अनुग्रह हो।
मत्ती 12:34
हे सांप के बच्चों, तुम बुरे होकर क्योंकर अच्छी बातें कह सकते हो? क्योंकि जो मन में भरा है, वही मुंह पर आता है।
कुलुस्सियों 4:6
तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सलोना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए।
यूहन्ना 7:38
जो मुझ पर विश्वास करेगा, जैसा पवित्र शास्त्र में आया है उसके ह्रृदय में से जीवन के जल की नदियां बह निकलेंगी।
नीतिवचन 10:20
धर्मी के वचन तो उत्तम चान्दी हैं; परन्तु दुष्टों का मन बहुत हलका होता है।
रोमियो 3:13
उन का गला खुली हुई कब्र है: उन्होंने अपनी जीभों से छल किया है: उन के होठों में सापों का विष है।
कुलुस्सियों 3:16
मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
याकूब 3:5
वैसे ही जीभ भी एक छोटा सा अंग है और बड़ी बड़ी डींगे मारती है: देखो, थोड़ी सी आग से कितने बड़े वन में आग लग जाती है।
भजन संहिता 37:30
धर्मी अपने मुंह से बुद्धि की बातें करता, और न्याय का वचन कहता है।
भजन संहिता 59:12
वह अपने मुंह के पाप, और ओठों के वचन, और शाप देने, और झूठ बोलने के कारण, अभिमान में फंसे हुए पकड़े जाएं।
यिर्मयाह 9:2
भला होता कि मुझे जंगल में बटोहियों का कोई टिकाव मिलता कि मैं अपने लोगों को छोड़कर वहीं चला जाता! क्योंकि वे सब व्यभिचारी हैं, वे विश्वासघातियों का समाज हैं।
प्रेरितों के काम 8:19
कि यह अधिकार मुझे भी दो, कि जिस किसी पर हाथ रखूं, वह पवित्र आत्मा पाए।
इब्रानियों 8:10
फिर प्रभु कहता है, कि जो वाचा मैं उन दिनों के बाद इस्त्राएल के घराने के साथ बान्धूंगा, वह यह है, कि मैं अपनी व्यवस्था को उन के मनों में डालूंगा, और उसे उन के हृदय पर लिखूंगा, और मैं उन का परमेश्वर ठहरूंगा, और वे मेरे लोग ठहरेंगे।
नीतिवचन 12:18
ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोच विचार का बोलना तलवार की नाईं चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं।
भजन संहिता 12:2
उन में से प्रत्येक अपने पड़ोसी से झूठी बातें कहता है; वे चापलूसी के ओठों से दो रंगी बातें करते हैं॥
भजन संहिता 41:6
और जब वह मुझ से मिलने को आता है, तब वह व्यर्थ बातें बकता है, जब कि उसका मन अपने अन्दर अधर्म की बातें संचय करता है; और बाहर जाकर उनकी चर्चा करता है।
भजन संहिता 52:2
तेरी जीभ केवल दुष्टता गढ़ती है; सान धरे हुए अस्तुरे की नाईं वह छल का काम करती है।
इफिसियों 5:19
और आपस में भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाया करो, और अपने अपने मन में प्रभु के साम्हने गाते और कीर्तन करते रहो।
भजन संहिता 40:8
हे मेरे परमेश्वर मैं तेरी इच्छा पूरी करने से प्रसन्न हूं; और तेरी व्यवस्था मेरे अन्त:करण में बनी है॥
भजन संहिता 64:3
उन्होंने अपनी जीभ को तलवार की नाईं तेज किया है, और अपने कड़वे वचनों के तीरों को चढ़ाया है;
भजन संहिता 71:15
मैं अपने मुंह से तेरे धर्म का, और तेरे किए हुए उद्धार का वर्णन दिन भर करता रहूंगा, परन्तु उनका पूरा ब्योरा जाना भी नहीं जाता।
भजन संहिता 140:5
घमण्डियों ने मेरे लिये फन्दा और पासे लगाए, और पथ के किनारे जाल बिछाया है; उन्होंने मेरे लिये फन्दे लगा रखे हैं॥
नीतिवचन 22:17
कान लगा कर बुद्धिमानों के वचन सुन, और मेरी ज्ञान की बातों की ओर मन लगा;
2 कुरिन्थियों 4:6
इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिस ने कहा, कि अन्धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो॥
इफिसियों 3:8
मुझ पर जो सब पवित्र लोगों में से छोटे से भी छोटा हूं, यह अनुग्रह हुआ, कि मैं अन्यजातियों को मसीह के अगम्य धन का सुसमाचार सुनाऊं।
इफिसियों 5:3
और जैसा पवित्र लोगों के योग्य है, वैसा तुम में व्यभिचार, और किसी प्रकार अशुद्ध काम, या लोभ की चर्चा तक न हो।
यहूदा 1:15
कि सब का न्याय करे, और सब भक्तिहीनों को उन के अभक्ति के सब कामों के विषय में, जो उन्होंने भक्तिहीन होकर किये हैं, और उन सब कठोर बातों के विषय में जो भक्तिहीन पापियों ने उसके विरोध में कही हैं, दोषी ठहराए।
भजन संहिता 59:7
उनके मुंह के भीतर तलवारें हैं, क्योंकि वे कहते हैं, कौन सुनता है?
नीतिवचन 15:23
सज्जन उत्तर देने से आनन्दित होता है, और अवसर पर कहा हुआ वचन क्या ही भला होता है!
प्रेरितों के काम 5:3
परन्तु पतरस ने कहा; हे हनन्याह! शैतान ने तेरे मन में यह बात क्यों डाली है कि तू पवित्र आत्मा से झूठ बोले, और भूमि के दाम में से कुछ रख छोड़े?