Matthew 13:22 जो झाड़ियों में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सुनता है, पर इस संसार की चिन्ता और धन का धोखा वचन को दबाता है, और वह फल नहीं लाता।
Matthew 13:22 in Other Translations
King James Version (KJV) He also that received seed among the thorns is he that heareth the word; and the care of this world, and the deceitfulness of riches, choke the word, and he becometh unfruitful.
American Standard Version (ASV) And he that was sown among the thorns, this is he that heareth the word; and the care of the world, and the deceitfulness of riches, choke the word, and he becometh unfruitful.
Bible in Basic English (BBE) And that which was dropped among the thorns, this is he who has the word; and the cares of this life, and the deceits of wealth, put a stop to the growth of the word and it gives no fruit.
Darby English Bible (DBY) And he that is sown among the thorns -- this is he who hears the word, and the anxious care of this life, and the deceit of riches choke the word, and he becomes unfruitful.
World English Bible (WEB) What was sown among the thorns, this is he who hears the word, but the cares of this age and the deceitfulness of riches choke the word, and he becomes unfruitful.
Young's Literal Translation (YLT) `And that sown toward the thorns, this is he who is hearing the word, and the anxiety of this age, and the deceitfulness of the riches, do choke the word, and it becometh unfruitful.
He
ὁ
ho
oh
also
δὲ
de
thay
among
εἰς
eis
ees
the
τὰς
ho
oh
thorns
ἀκάνθας
akantha
AH-kahn-tha
that received seed
σπαρείς,
speirō
SPEE-roh
he
οὗτός
houtos
OO-tose
is
ἐστιν
esti
ay-STEE
ὁ
ho
oh
the
τὸν
ho
oh
word;
λόγον
logos
LOH-gose
that heareth
ἀκούων
akouō
ah-KOO-oh
and
καὶ
kai
kay
the
ἡ
ho
oh
care
μέριμνα
merimna
MAY-reem-na
τοῦ
ho
oh
world,
αἰῶνος
aiōn
ay-ONE
of this
τούτου
toutou
TOO-too
and
καὶ
kai
kay
the
ἡ
ho
oh
deceitfulness
ἀπάτη
apatē
ah-PA-tay
τοῦ
ho
oh
of riches,
πλούτου
ploutos
PLOO-tose
choke
συμπνίγει
sympnigō
syoom-PNEE-goh
the
τὸν
ho
oh
word,
λόγον
logos
LOH-gose
and
καὶ
kai
kay
unfruitful.
ἄκαρπος
akarpos
AH-kahr-pose
he becometh
γίνεται
ginomai
GEE-noh-may
Read Full Chapter :
Matthew 13
Cross Reference
1 तीमुथियुस 6:17
इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे, कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है।
1 तीमुथियुस 6:9
पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं।
2 तीमुथियुस 4:10
क्योंकि देमास ने इस संसार को प्रिय जान कर मुझे छोड़ दिया है, और थिस्सलुनीके को चला गया है, और क्रेसकेंस गलतिया को और तीतुस दलमतिया को चला गया है।
लूका 8:14
जो झाड़ियों में गिरा, सो वे हैं, जो सुनते हैं, पर होते होते चिन्ता और धन और जीवन के सुख विलास में फंस जाते हैं, और उन का फल नहीं पकता।
लूका 12:15
और उस ने उन से कहा, चौकस रहो, और हर प्रकार के लोभ से अपने आप को बचाए रखो: क्योंकि किसी का जीवन उस की संपत्ति की बहुतायत से नहीं होता।
भजन संहिता 52:7
देखो, यह वही पुरूष है जिसने परमेश्वर को अपनी शरण नहीं माना, परन्तु अपने धन की बहुतायत पर भरोसा रखता था, और अपने को दुष्टता में दृढ़ करता रहा!
मत्ती 6:24
कोई मनुष्य दो स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता, क्योंकि वह एक से बैर ओर दूसरे से प्रेम रखेगा, वा एक से मिला रहेगा और दूसरे को तुच्छ जानेगा; “तुम परमेश्वर और धन दोनो की सेवा नहीं कर सकते”।
सभोपदेशक 5:10
जो रूपये से प्रीति रखता है वह रूपये से तृप्त न होगा; और न जो बहुत धन से प्रीति रखता है, लाभ से: यह भी व्यर्थ है।
1 यूहन्ना 2:15
तुम न तो संसार से और न संसार में की वस्तुओं से प्रेम रखो: यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उस में पिता का प्रेम नहीं है।
प्रेरितों के काम 5:1
और हनन्याह नाम एक मनुष्य, और उस की पत्नी सफीरा ने कुछ भूमि बेची।
मत्ती 19:16
और देखो, एक मनुष्य ने पास आकर उस से कहा, हे गुरू; मैं कौन सा भला काम करूं, कि अनन्त जीवन पाऊं?
मरकुस 4:18
और जो झाडियों में बोए गए ये वे हैं जिन्होंने वचन सुना।
मरकुस 10:23
यीशु ने चारों ओर देखकर अपने चेलों से कहा, धनवानों को परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है!
लूका 12:21
ऐसा ही वह मनुष्य भी है जो अपने लिये धन बटोरता है, परन्तु परमेश्वर की दृष्टि में धनी नहीं॥
लूका 12:29
और तुम इस बात की खोज में न रहो, कि क्या खाएंगे और क्या पीएंगे, और न सन्देह करो।
उत्पत्ति 13:10
तब लूत ने आंख उठा कर, यरदन नदी के पास वाली सारी तराई को देखा, कि वह सब सिंची हुई है। जब तक यहोवा ने सदोम और अमोरा को नाश न किया था, तब तक सोअर के मार्ग तक वह तराई यहोवा की बाटिका, और मिस्र देश के समान उपजाऊ थी।
लूका 18:24
यीशु ने उसे देख कर कहा; धनवानों का परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है?
लूका 21:34
इसलिये सावधान रहो, ऐसा न हो कि तुम्हारे मन खुमार और मतवालेपन, और इस जीवन की चिन्ताओं से सुस्त हो जाएं, और वह दिन तुम पर फन्दे की नाईं अचानक आ पड़े।
प्रेरितों के काम 8:18
जब शमौन ने देखा कि प्रेरितों के हाथ रखने से पवित्र आत्मा दिया जाता है, तो उन के पास रूपये लाकर कहा।
2 पतरस 2:14
उन ही आंखों में व्यभिचार बसा हुआ है, और वे पाप किए बिना रूक नहीं सकते: वे चंचल मन वालों को फुसला लेते हैं; उन के मन को लोभ करने का अभ्यास हो गया है, वे सन्ताप के सन्तान हैं।
यहूदा 1:11
उन पर हाय! कि वे कैन की सी चाल चले, और मजदूरी के लिये बिलाम की नाईं भ्रष्ट हो गए हैं: और कोरह की नाईं विरोध करके नाश हुए हैं।
लूका 14:16
उस ने उस से कहा; किसी मनुष्य ने बड़ी जेवनार की और बहुतों को बुलाया।
यहोशू 7:20
और आकान ने यहोशू को उत्तर दिया, कि सचमुच मैं ने इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के विरुद्ध पाप किया है, और इस प्रकार मैं ने किया है,
2 राजा 5:20
वह उसके यहां से थोड़ी दूर जला गया था, कि परमेश्वर के भक्त एलीशा का सेवक गेहजी सोचने लगा, कि मेरे स्वामी ने तो उस अरामी नामान को ऐसा ही छोड़ दिया है कि जो वह ले आया था उसको उसने न लिया, परन्तु यहोवा के जीवन की शपथ मैं उसके पीछे दौड़कर उस से कुछ न कुछ ले लूंगा।
भजन संहिता 62:10
अन्धेर करने पर भरोसा मत रखो, और लूट पाट करने पर मत फूलो; चाहे धन सम्पति बढ़े, तौभी उस पर मन न लगाना॥
नीतिवचन 11:28
जो अपने धन पर भरोसा रखता है वह गिर जाता है, परन्तु धर्मी लोग नये पत्ते की नाईं लहलहाते हैं।
नीतिवचन 23:5
क्या तू अपनी दृष्टि उस वस्तु पर लगाएगा, जो है ही नहीं? वह उकाब पक्षी की नाईं पंख लगा कर, नि:सन्देह आकाश की ओर उड़ जाता है।
सभोपदेशक 4:8
कोई अकेला रहता और उसका कोई नहीं है; न उसके बेटा है, न भाई है, तौभी उसके परिश्रम का अन्त नहीं होता; न उसकी आंखें धन से सन्तुष्ट होती हैं, और न वह कहता है, मैं किस के लिये परिश्रम करता और अपने जीवन को सुखरहित रखता हूं? यह भी व्यर्थ और निरा दु:खभरा काम है।
सभोपदेशक 5:13
मैं ने धरती पर एक बड़ी बुरी बला देखी है; अर्थात वह धन जिसे उसके मालिक ने अपनी ही हानि के लिये रखा हो,
यिर्मयाह 4:3
क्योंकि यहूदा और यरूशलेम के लोगों से यहोवा ने यों कहा है, अपनी पड़ती भूमि को जोतो, और कटीले झाड़ों में बीज मत बोओ।
मत्ती 13:7
कुछ झाड़ियों में गिरे, और झाड़ियों ने बढ़कर उन्हें दबा डाला।