Mark 4:8 परन्तु कुछ अच्छी भूमि पर गिरा; और वह उगा, और बढ़कर फलवन्त हुआ; और कोई तीस गुणा, कोई साठ गुणा और कोई सौ गुणा फल लाया।
Mark 4:8 in Other Translations
King James Version (KJV) And other fell on good ground, and did yield fruit that sprang up and increased; and brought forth, some thirty, and some sixty, and some an hundred.
American Standard Version (ASV) And others fell into the good ground, and yielded fruit, growing up and increasing; and brought forth, thirtyfold, and sixtyfold, and a hundredfold.
Bible in Basic English (BBE) And some, falling on good earth, gave fruit, coming up and increasing, and giving thirty, sixty, and a hundred times as much.
Darby English Bible (DBY) And another fell into the good ground, and yielded fruit, growing up and increasing; and bore, one thirty, and one sixty, and one a hundred.
World English Bible (WEB) Others fell into the good ground, and yielded fruit, growing up and increasing. Some brought forth thirty times, some sixty times, and some one hundred times as much."
Young's Literal Translation (YLT) and other fell to the good ground, and was giving fruit, coming up and increasing, and it bare, one thirty-fold, and one sixty, and one an hundred.'
And
καὶ
kai
kay
other
ἄλλο
allos
AL-lose
fell
ἔπεσεν
piptō
PEE-ptoh
on
εἰς
eis
ees
τὴν
ho
oh
ground,
γῆν
gē
gay
τὴν
ho
oh
good
καλήν
kalos
ka-LOSE
and
καὶ
kai
kay
did yield
ἐδίδου
didōmi
THEE-thoh-mee
fruit
καρπὸν
karpos
kahr-POSE
that sprang up
ἀναβαίνοντα
anabainō
ah-na-VAY-noh
and
καὶ
kai
kay
increased;
αὐξανόντα,
auxanō
af-KSA-noh
and
καὶ
kai
kay
brought forth,
ἔφερεν
pherō
FAY-roh
some
ἓν
en
ane
thirty,
τριάκοντα
triakonta
tree-AH-kone-ta
and
καὶ
kai
kay
some
ἓν
en
ane
sixty,
ἑξήκοντα
hexēkonta
ayks-A-kone-ta
and
καὶ
kai
kay
some
ἓν
en
ane
an hundred.
ἑκατόν
hekaton
ake-ah-TONE
Read Full Chapter :
Mark 4
Cross Reference
यूहन्ना 15:5
मैं दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते।
उत्पत्ति 26:12
फिर इसहाक ने उस देश में जोता बोया, और उसी वर्ष में सौ गुणा फल पाया: और यहोवा ने उसको आशीष दी।
मरकुस 4:20
और जो अच्छी भूमि में बोए गए, ये वे हैं, जो वचन सुनकर ग्रहण करते और फल लाते हैं, कोई तीस गुणा, कोई साठ गुणा, और कोई सौ गुणा॥
कुलुस्सियों 1:6
जो तुम्हारे पास पहुंचा है और जैसा जगत में भी फल लाता, और बढ़ता जाता है; अर्थात जिस दिन से तुम ने उस को सुना, और सच्चाई से परमेश्वर का अनुग्रह पहिचाना है, तुम में भी ऐसा ही करता है।
यिर्मयाह 23:29
यहोवा की यह भी वाणी है कि क्या मेरा वचन आग सा नहीं है? फिर क्या वह ऐसा हथौड़ा नहीं जो पत्थर को फोड़ डाले?
मत्ती 13:8
पर कुछ अच्छी भूमि पर गिरे, और फल लाए, कोई सौ गुना, कोई साठ गुना, कोई तीस गुना।
प्रेरितों के काम 17:11
ये लोग तो थिस्सलुनीके के यहूदियोंसे भले थे और उन्होंने बड़ी लालसा से वचन ग्रहण किया, और प्रति दिन पवित्र शास्त्रों में ढूंढ़ते रहे कि ये बातें यों ही हैं, कि नहीं।
1 पतरस 2:1
इसलिये सब प्रकार का बैर भाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके।
इब्रानियों 4:1
इसलिये जब कि उसके विश्राम में प्रवेश करने की प्रतिज्ञा अब तक है, तो हमें डरना चाहिए; ऐसा ने हो, कि तुम में से कोई जन उस से रहित जान पड़े।
यशायाह 58:1
गला खोल कर पुकार, कुछ न रख छोड़, नरसिंगे का सा ऊंचा शब्द कर; मेरी प्रजा को उसका अपराध अर्थात याकूब के घराने को उसका पाप जता दे।
याकूब 1:19
हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो।
मत्ती 13:23
जो अच्छी भूमि में बोया गया, यह वह है, जो वचन को सुनकर समझता है, और फल लाता है कोई सौ गुना, कोई साठ गुना, कोई तीस गुना।
लूका 8:8
और कुछ अच्छी भूमि पर गिरा, और उगकर सौ गुणा फल लाया: यह कहकर उस ने ऊंचे शब्द से कहा; जिस के सुनने के कान होंवह सुन ले॥
लूका 8:15
पर अच्छी भूमि में के वे हैं, जो वचन सुनकर भले और उत्तम मन में सम्भाले रहते हैं, और धीरज से फल लाते हैं॥
यूहन्ना 1:12
परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उस ने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।
यूहन्ना 3:19
और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उन के काम बुरे थे।
यूहन्ना 7:17
यदि कोई उस की इच्छा पर चलना चाहे, तो वह इस उपदेश के विषय में जान जाएगा कि वह परमेश्वर की ओर से है, या मैं अपनी ओर से कहता हूं।
फिलिप्पियों 1:11
और उस धामिर्कता के फल से जो यीशु मसीह के द्वारा होते हैं, भरपूर होते जाओ जिस से परमेश्वर की महिमा और स्तुति होती रहे॥